अगर कोई व्यक्ति हेलीकॉप्टर(Helicopter) खरीदना चाहता है तो उसे कौनसे कागजातों की जरूरत पड़ेगी ? कया कीमत होगी ? जानिए !

हेलिकाप्टर एक विमान है, जिसे एक या अधिक क्षैतिज रोटर के द्वारा ऊपर की दिशा में नोदित किया जाता है। प्रत्येक रोटर में दो या अधिक पंखुड़ियाँ होती हैं। हैलीकॉप्टरों को रोटर-विंग वायुयान की श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है, जिससे कि इन्हें जुड़े-पंख वायुयान से पृथक किया जा सके।

एक हेलीकाप्टर के मालिक होने का मुख्य लाभ स्वतंत्रता है। एक बार आपके पास अनुमति और कुछ स्थान हो, तो आप किसी भी गंतव्य के लिए अपना पाठ्यक्रम निर्धारित कर सकते हैं। जो एक कार में असंभव है।

हेलीकॉप्टर की कीमत - 

सबसे पहले आपको बता दें कि रॉबिंसन R-22 हेलीकॉप्टर की कीमत लगभग 250,000 US डॉलर है जिसे भारतीय रूपये में 1,71,23,750 रुपया बनता है. इसे दुनिया का सबसे किफायती हैलीकॉप्टर माना जाता है. R-22 की सस्ते परिचालन लागत होने के कारण, इसे अक्सर प्रशिक्षण हेलीकॉप्टर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. ये दो सीट वाला हेलीकॉप्टर होता है. अब बात करते है दूसरे हेलीकॉप्टर की, जो पांच सीटों वाला होता है. उसे बेल बी 206 जेटरेंजर सैन्य सेवाओं और नागरिकों दोनों के लिए प्रयोग में लाया जाता है, ये बहुत ही लोकप्रिय हेलीकॉप्टर है. जिसकी कीमत 700,000 US डॉलर और भारतीय रूपये के हिसाब से 4,79,11,500 रुपये में मिलता है. इसी तरह के कई हैलीकॉप्टर के मॉडल आपको अलग-अलग कीमत पर आसानी से मिल सकते हैं लेकिन याद रहे उनकी कीमत करोड़ में ही होती है.

हेलीकॉप्टर खरीदने से पहले हमें इसकी रख-रखाव लागत के बारे में भी पता होना चाहिए –

भारत में हेलीकॉप्टर के मालिक को अपने पायलट को 40000 से 150000 का भुगतान करना होगा, जो कि उनके अनुभव के स्तर पर अलग-अलग हैं, बहुत अधिक हो सकते हैं लेकिन कभी भी उनके वेतन में गिरावट नहीं हुई है।
मालिक को प्रति उड़ान 40000 से 70000 का भुगतान करना होगा, जो आमतौर पर उनके लैंडिंग चार्ज को छोड़कर दूरी पर निर्भर करता है। IGI हवाई अड्डे पर उतरने के लिए नई दिल्ली चार्ज 30000 INR प्रति लैंडिंग लेकिन छोटे हवाई अड्डे का चार्ज कम।

मालिक को MRO (अनुरक्षण मरम्मत ओवरहाल) संगठन की ओर चयन करना चाहिए। भारत में विभिन्न संगठन संचालित हैं, वे मालिक को सहज समाधान प्रदान करने के लिए सेवा केंद्र के साथ मिलकर काम करते हैं और हवाई यातायात को बनाए रखने में मदद करते हैं, वे इसके लिए शुल्क लेते हैं।
कुल मिलाकर एक मालिक अपने हेलिकॉप्टर के रखरखाव पर सालाना 10 से 15 लाख रुपये खर्च करता है।
आवश्यक कागजात
खरीदारी और पंजीकरण के लिए आपको DGCA से उचित अनुमति की आवश्यकता होगी। आपको यह सबूत पेश करने की जरूरत है कि केवल एक योग्य पायलट ही इसे उड़ाएगा और इसे उचित आवधि तक रख रखाव प्राप्त होगा।

सबसे पहले भारत सरकार के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के कार वेबसाइट में दिए गए आवेदन को दाखिल करके गृह मंत्रालय के एनओसी के लिए आवेदन करें। यदि यह एक कंपनी है तो सभी निदेशक मंडल को सुरक्षा प्रदान करनी होगी।

यदि आपके पास आईईसी कोड है तो आयात परमिट के लिए सीमा शुल्क पर फिर से आवेदन करें डीजीसीए के माध्यम से आवेदन करना होगा।फिर आयात के 28 प्रतिशत शुल्क के बाद विमान की पहचान करें।

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