मूवी रिव्यू / बागी 3 में एकबार फिर से देखने के मिलेगा टाइगर श्रॉफ का धमाकेदार एक्शन

BAAGHI 3 FULL MOVIE REVIEW
BAAGHI 3 POSTER

बागी 3 रेटिंग 3/5 स्टार 

स्टार कास्ट - टाइगर श्रॉफ, श्रद्धा कपूर, दिशा पाटनी, अंकिता लोखंडे, रितेश देशमुख, जमील खउरी, जयदीप अहलावत

डायरेक्टर - अहमद खान
प्रोड्यूसर -  नाडियादवाला ग्रैंडसन,
फॉक्स स्टार म्यूजिक तनिष्क बागची, विशाल शेखर, बप्पी लाहिड़ी, सचेत परम्परा, रोचक कोहली, प्रणय रिजिया
जॉनर एक्शन थ्रिलर

बागी 3 - 147 मिनट की फिल्म है। बागी फ्रेंचाइजी की तीसरी किश्त भी टाइगर श्रॉफ के ही डोलों-शोलों और मजबूत कंधों पर ही सवार है। रॉनी सीरिया के उस अबू जलाल गाजा के तिलिस्म को अकेले अपने दम पर ढहा देता है, जिसे तहस-नहस करने का माद्दा अमेरिका, रूस और मोसाद जैसे बड़े संगठन ही रखते हैं। यह सब वह अपने बड़े भाई के लिए करता है, जिसका ताउम्र ख्याल रखने का वादा मरते वक्त उसके पिता ने लिया था।

इस दफे एक्शन का स्केल ऊंचा रखने के लिए दुश्मनों के इलाके में घुसकर उसकी पैदल सेना से तो पंगा लेता है ही, जंगी टैंक और जहाजों को भी धूल फांकने पर मजबूर कर देता है। इस काम में उसका साथ उसकी प्रेमिका सिया कदम से कदम मिलाकर देती है।


मेन विलेन अबु जलाल गाजा के रोल में इजराइल के जमील खउरी को कास्ट किया गया है, जो इससे पहले ‘जैक राएन’ और ‘फउदा’ जैसे बहुचर्चित वेब शोज का हिस्सा रहे हैं।

हीरो रॉनी के खिलाफ बैटल ग्राउंड पूरा सीरिया है। सीरिया बेसिकली सर्बिया में रीक्रिएट किया गया है। सीरिया के आतंक प्रभावित इलाकों की धूल फांकती इमारतें और अबु जलाल गाजा की लंका को आर्ट डिपार्टमेंट ने प्रभावी तरीके से क्रिएट किया है। रॉनी सिर्फ अबु से ही लोहा नहीं लेता, उससे पहले आगरा के दबंग से उसकी भिड़ंत होती है। 

मेकर्स का पूरा ध्यान एक्शन और स्टंट पर है। टाइगर अपनी यूएसपी के साथ पूरा न्याय करते हैं। सिया के रोल में श्रद्धा कपूर खासी जंची हैं। रितेश देशमुख ने विक्रम की भूमिका को अनुशासित भाव से निभाया है। टाइगर के पापा जैकी श्रॉफ का कैमियो है।

खतरनाक एक्शन के बीच-बीच में इमोशन का डोज रॉनी और उसके भाई विक्रम के बीच बेइंतहा मोहब्बत से दिया गया है। दोनों के बीच प्यार दिखाने में लेखक निर्देशक इतने डूबे हैं कि हीरो और हीरोइन का प्यार हाशिए पर चला गया है। रॉनी और सिया के प्यार की जगह विक्रम और रुचि के इश्क और उनके प्यार को प्राथमिकता दे दी गई है। रुचि के रोल में मिले स्पेस में अंकिता लोखंडे ने ठीक-ठाक काम किया है।

‘बागी 3’ जैसी हाई ऑक्टेन वाली एक्शन फिल्मों से उम्मीद रहती है, कहानी नजरअंदाज रहती है। वह बस कैमियो किरदार की तरह फिल्म के बीच-बीच में आती रहती है ताकि हीरो के एक्शंस से मोनोटोनी न कायम हो जाए। कुल मिलाकर यह टाइगर के दीवानों के लिए सौगात है। उन्हें ध्यान में रखकर ही यह फिल्म डिजाइन की गई है। इस बार अच्छी बात यह है कि कहानी की रफ्तार सधी हुई है। मेलोड्रामा नहीं होने दिया है। जब-जब फिल्म मंथर होती है, वह मुद्दे पर आती रहती है।

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