प्रथम विश्व युद्ध होने के क्या कारण थे। पूरी जानकारी हिंदी में

 आज का यह आर्टिकल आपके लिए बहुत ही ज्ञानवर्धक साबित होने वाला है, क्योंकि आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि प्रथम विश्व युद्ध कब शुरू हुआ था और यह कैसे शुरू हुआ था वैसे तो शायद आप लोग इसके बारे में जानते ही होंगे लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें नहीं पता कि प्रथम विश्व युद्ध कब और कैसे शुरू हुआ और इसका क्या इतिहास रहा है था तो अगर आप भी यह जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारी Post पर आखिरी तक बने रहें।


हमारे इतिहास की कुछ ऐसी घटनाएं हैं जिन्हें चाह कर भी भुलाया नहीं जा सकता इनमें से ही एक प्रथम विश्व युद्ध भी है, क्योंकि यह भी एक ऐसी महत्वपूर्ण घटना है जिसमें बहुत से लोगों की जानें गई और यह युद्ध बहुत समय तक चला था, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रथम विश्व युद्ध 28 जुलाई 1914 से शुरू होकर 11 नवंबर 1918 तक चला था और इस युद्ध को ग्रेट वार भी कहा जाता है, प्रथम विश्व युद्ध इतिहास की एक ऐसी घटना है जिसमें लगभग आधी दुनिया की हिंसा चपेट में चली गई थी इस युद्ध में लगभग एक करोड़ से ज्यादा लोग मारे गए थे और दो करोड़ से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।


प्रथम विश्व युद्ध की बात करें तो इस विश्व युद्ध में लगभग सभी प्रभावशाली देशों ने हिस्सा लिया था और इस युद्ध को समाप्त होते-होते दुनिया के सबसे बड़े 4 साम्राज्य जर्मनी, रूस ऑस्ट्रिया-हंगरी और उस्मानिया का विनाश हो गया था, अगर आप भी यह जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, कि प्रथम विश्व युद्ध कब और कैसे शुरू हुआ आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से विस्तार से बताएंगे कि प्रथम विश्व युद्ध कब और कैसे शुरू हुआ था तो आइए जानते हैं।


प्रथम विश्व युद्ध में शामिल हुए देश कौन से थे?

सबसे पहले अगर बात की जाए इस महायुद्ध में कौन-कौन से देश शामिल थे तो उनमें England, France, Russia, United States, Italy, Romania तथा उनके सहयोगी राष्ट्रीय और दूसरी तरफ केंद्रीय सकते हो जिनमें Germany, Austria, Turkey, Bulgari आदि देश शामिल थे और जिस समय यह महायुद्ध शुरू हुआ था उस समय ऑस्ट्रिया- हंगरी में हब्र्सबर्ग नामक वंश का शासन था और आज के समय में यह तुर्की का इलाका है।


प्रथम विश्व युद्ध होने के कारण और उसके परिणाम।

अगर हम बात करें कि प्रथम विश्व युद्ध शुरू हुआ था और उसके क्या परिणाम रहे थे तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रथम विश्व युद्ध के शुरू होने का कोई भी कारण नहीं था, वैसे तो इस युद्ध का कारण 1914 तक होने वाली कई घटनाओं और कारणों का परिणाम माना जाता है लेकिन अगर देखा जाए तो इस युद्ध का तात्कालिक कारण यूरोप के सबसे बड़े ऑस्ट्रिया हंगरी साम्राज्य के उत्तराधिकारी आज ड्यूक फर्डिनेंड और उनकी पत्नी की बोस्निया में हुई हत्या को ही माना जाता है, और इसके अन्य भी कुछ कारण है, जो हम आपको विस्तार से नीचे बता रहे हैं।


Militarism:-

आपकी जानकारी के लिए यह भी बता दें कि इस युद्ध के दौरान सभी देश अपनी सुरक्षा की दृष्टिकोण के लिए अनेक प्रकार के आधुनिक अस्त्र शस्त्रों का निर्माण करने में लग गए और वह इसके लिए मशीन, गन टैंक, जहाज और अधिक सैनिकों पर विशेष ध्यान देने लगे यहां तक कि कई देशों ने तो अपने सैनिकों की संख्या भी काफी बढ़ा दी और इस मामले में सबसे ज्यादा आगे Germany और Britain देश रहे थे।


इस युद्ध के दौरान Germany और Britain से बराबरी करने की कई देशों ने कोशिश की लेकिन ऐसा नहीं हो पाया क्योंकि महा युद्ध के दौरान यह कहा जा रहा था कि जिस देश पर ज्यादा अस्त्र-शस्त्र होंगे और जितने ज्यादा सैनिक होंगे वह देश उतना ही ताकतवर होगा इसी वजह से उस समय पर सभी देशों ने अपनी सेनाओं की संख्या बढ़ा दी।


Creation of Secret Treaties and Factions( गुप्त संध्या और गुटों का निर्माण):-

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महा विश्व युद्ध के दौरान 19वीं शताब्दी में जर्मनी के संचालक बिस्मार्क ने अपने देश को यूरोप राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत बनाने के लिए गुप्त समितियां करनी शुरू कर दी थी और साथ ही साथ बिस्मार्क ने ऑस्ट्रिया के साथ हिंदी और रूम के साथ मित्र संधि इन्होंने इटली और ऑस्ट्रिया-हंगरी के साथ भी मित्र संधि की।


इस सब के बाद यूरोप में एक नए गुट का निर्माण हुआ जिसे त्रिगुट संधि कहा जाता है और इसमें 3 देश शामिल थे जर्मनी ऑस्ट्रिया और इटली वैसे तो पिछली मनी और उस पे के साथ था लेकिन युद्ध के दौरान इटली ने अपना फैसला बदलकर फ्रांस एवं ब्रिटेन के साथ युद्ध करना शुरू कर दिया था।


Competitiveness of Imperialism( साम्राज्यवाद की प्रतिस्पर्धा):-

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सन 1880 के बाद सभी बड़े देश जिसमें कि जर्मनी, फ्रांस, पोलैंड, बेल्जियम यह सभी देश अफ्रीका पर कब्जा कर रहे थे और ब्रिटेन उस समय पर इन सभी देशों का नेतृत्व कर रहा था, क्योंकि ब्रिटेन को उस समय पर सबसे ज्यादा सफल देश माना गया था और बाकी सभी देश के विकास मॉडल को कॉपी कर रहे थे। आपकी जानकारी के लिए खास बात और बता दें कि पूरी दुनिया के 25% भाग पर एक समय ब्रिटिश का शासन था और इसी के चलते ब्रिटेन के पास बहुत से संसाधन आ गए थे और इसी वजह से इनकी सैनिक क्षमता में भी काफी वृद्धि हुई।


The Spirit of Nationalism(राष्ट्रवाद की भावना):-

इस महायुद्ध के दौरान 19वीं शताब्दी में जर्मनी, इटली और अन्य वोल्टिक देशों में राष्ट्रवाद पूरी तरह से फैल चुका था और इसी कारण यह लड़ाई एक ग्लोरियस लड़ाई के रूप में सामने आई और सभी देशों को लगने लगा कि कोई भी देश इस लड़ाई को जीते और जीत कर महान बन सकता है, और इस लड़ाई को देश की महानता और उसके क्षेत्रफल से जोड़कर देखा जाने लगा।


अगर प्रथम विश्व युद्ध से पहले की बात करें तो उस समय पर एक पोस्टर बनाया गया था जिसमें कई देश एक दूसरे देशों पर आक्रमण करते नजर आ रहे थे इस पोस्टर को साइबेरिया के एक बहुत ही छोटे बच्चे के रूप में दिखाया गया था जिसमें कि साहिब ओरिया ओरिया से कह रहा था कि यदि तुम मुझे मारोगे तो रूस तुम्हें मारेगा तो इसी तरह से अगर रूस ऑस्ट्रिया को मारता है, तो जर्मनी रूस को मारेगा और इसी तरह से सभी एक दूसरे के दुश्मन बन गए जबकि झगड़ा सिर्फ दो देशों के बीच काकासाहेब ओरिया और ऑस्ट्रिया के।


The Main Reason for the First World War( प्रथम विश्व युद्ध का मुख्य कारण:-

वैसे तो प्रथम विश्व युद्ध का कोई भी कारण नहीं था लेकिन इस युद्ध का कारण फर्डिनेंड और उनकी पत्नी की बोस्निया में हत्या बना दिया गया और इस हत्या के बाद यूरोप स्तब्ध हो गया और इसके बाद उसने इस घटना के लिए सर्विया को जिम्मेदार ठहराया इसके बाद ऑस्ट्रिया ने साइबेरिया को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा था और इस प्रस्तुति में सांवरिया ने इस देश से मदद मांगी थी और उसको बाल्टिक्स में हस्तक्षेप करने का एक अवसर मिल गया था।


और इस बीच ऑस्ट्रिया हंगरी ने जर्मनी से मदद मांगी और जैसे ही जर्मनी का सहयोग मिला तो ऑस्ट्रिया हंगरी ने साइबेरिया पर हमला बोल दिया और इस बीच रूस ने जर्मनी से लड़ाई की घोषणा कर दी थी इसके कुछ दिनों बाद ही फ्रांस ने भी जर्मनी से लड़ाई की घोषणा कर दी।


Time of the First World War ( प्रथम विश्व युद्ध का समय):-

अगर प्रथम विश्व युद्ध के समय की बात करें तो इस प्रकार अगस्त में ही यह युद्ध शुरू हो गया था और जर्मनी ने फ्रांस को हराने के लिए एक योजना भी बना ली थी जिसमें कि जर्मनी ने बेल्जियम का रास्ता चुना जैसे ही जर्मनी के सैनिकों ने बेल्जियम में प्रवेश किया था उधर से ब्रिटेन ने जर्मनी पर हमला कर दिया और ब्रिटेन का जर्मनी पर हमला करने के लिए मुख्य कारण बेल्जियम और ब्रिटेन के बीच सन 1839 में एक समझौता था हालांकि देखा जाए तो जर्मनी की सेनाओं ने ईस्ट पर उस को पराजित कर दिया था और इस हमले के दौरान लगभग 3 लाख रूसी सैनिक शहीद हो गए थे।


इसी दौरान ओटोमन अंपायर ने भी रूस पर हमला बोल दिया क्योंकि रूस और ओटोमन दोनों ही एक-दूसरे के बरसों पुराने दुश्मन थे और इसके चलते ऑटोमन ने हुए कैनाल पर भी हमला कर दिया आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फ्रांस और जर्मनी इस तरह से 3 वर्ष एक दूसरे के आमने-सामने रहे और इसके चलते ना ही फ्रांस आगे बढ़ पाया और ना ही जर्मनी और यह एक ऐसा समय था जिस समय पूरी दुनिया में लड़ाई छिड़ी हुई थी जिसके कारण से Global War भी कहा जाता है।


अब आप जान गए होंगे कि प्रथम विश्व युद्ध कब हुआ और इसके क्या कारण थे उम्मीद करते हैं, हमारे आज के आर्टिकल द्वारा दी गई जानकारी आपके लिए बहुत ही ज्ञानवर्धक साबित होगी अगर आपको हमारे आज के आर्टिकल द्वारा दी गई जानकारी पसंद आए तो इसे आगे भी जरूर शेयर करें और नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में कमेंट करके हमें जरूर बताएं।

Post a Comment

Previous Post Next Post