मच्छर इंसान का खून क्यों पीते हैं ? पूरी जानकारी हिंदी में।

 गर्मी आते ही मच्छरों का आतंक भी पड़ जाता है। लेकिन क्या कभी आपने गौर फरमाया है। मच्छर हमें क्यों काटते हैं और मच्छर के काटने पर हमें खुजली क्यों होती है या फिर हम इंसानों का खून क्यों पीते हैं। तो चलिए जानते हैं आज के इस आर्टिकल में।


मच्छर इंसानो का खून क्यों पीते हैं ?

अगर आपको यह भ्रम है, कि मच्छर हम इंसानों का खून पीकर ही जीवित रहते हैं। तो ऐसा बिल्कुल नहीं है क्योंकि मच्छर खून के अलावा पानी और नैटर पी कर भी सरवाइव कर सकते हैं। मच्छर अपनी जान जोखिम में डालकर खून पीना पसंद करते हैं, तो काफी समय तक किसी के पास भी इस सवाल का कोई जवाब नहीं था। लेकिन जबकि तो नतीजे काफी शॉपिंग पर वैज्ञानिकों का कहना है, कि जब से दुनिया की शुरुआत हुई है। तब मच्छरों में खून चूसने जैसी कोई आदत नहीं थी।

लेकिन समय के साथ-साथ इनमें बदलाव आया हंगरी के पूर्णिया यूनिवर्सिटी में सस्टेनेबिलिटी सलूशन रिसर्च वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च से पता चला। 28 मिलीयन साल पहले इंसान के जन्म लेने के लाखों साल पहले से अपना अस्तित्व बनाए हुए हैं तो इसस साफ पता चलता है। कि हम इंसानों का खून मच्छरों के भोजन का अहम हिस्सा नहीं है।

लेकिन फिर भी मच्छरों को इंसानों का खून पीने की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि इस धरती पर कई ऐसी जगह है। जहां ज्यादा गर्मी पड़ने पर वह इलाके सूख जाते है। सुशीला के जहाँ आमतौर पर पानी की कमी होती है ,ऐसे में मच्छरों को प्रजनन के लिए नवीन की आवश्यकता पड़ती है। अपनी इस इस जरूरत को पूरा करने के लिए मजदूरों ने इंसानों का खून चूसना शुरु किया दुनिया भर में मच्छरों की कई प्रजातियां हैं। उन्हीं में से एक है। अफ्रीका के टी ,डी ,एस एजएफटी  मच्छर इस मच्छर की भी कई प्रजातियां हैं। और इनमें से सभी इंसानों का खून नहीं पीते हैं।

अन्य प्रजातियां कुछ ऐसी है, जो अपना भोजन अन्य वस्तुओं से करती हैं, और अपना गुजारा करती हैं। आपको बता दें हमको नर मच्छर नहीं, मादा मच्छर काटती है। हमें मादा मच्छर ही क्यों काटती है, तो इसके पीछे भी एक बात छुपी है। मीटिंग के लिए मादा मच्छर को अपने विकास के लिए विटामिन की आवश्यकता होती है।

और इसकी पूर्ति होती है। इंसानों की खून से मादा अपने अंडों के विकास के लिए खून चुस्ती है लेकिन क्या आप जानते हैं। गर्मियों के दिनों में मच्छरों के लिए यह खून ठंडी पेय पदार्थ के रूप में काम करती है। मादा मच्छर एक बार में लगभग 300 अंडे देती है। नर मच्छर 10 दिनों तक और मादा मच्छर कैसे 8 हफ्ते तक जिंदा रहती है। मादा मच्छर को हम इंसानों का खून बचाने में 2 से 3 दिन का समय लगता है। और फिर वह किसी साफ पानी वाले स्थान पर अंडे दे देती है। अफसोस की बात है कि कई बार बच्चों को जन्म देने के दौरान माता की मौत हो जाती है।

बताते हैं कि अपने अंडों को पर्याप्त रूप से प्रोटीन देने के लिए मादा मच्छर को अपनी लाइफ में केवल एक बार ही इंसान के खून की जरूरत पड़ती है शोध से पता चलता है कि नर मच्छर पानी और नैटर पर आराम से सरवाइव कर सकते हैं और उन्हें माता की तरह हम इंसानों का खून पीने की कोई जरूरत नहीं होती है।

लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है नर मच्छर मानव का खून पीते ही नहीं है एक स्टडी के अनुसार सूखे इलाके में रहने वाली मादा मच्छर ज्यादा आक्रामक होती है। और काफी तेजी से खून पीती  है नवी युक्त या फिर पानी वाले इलाके में रहने वाले मच्छरों को खून की जरूरत नहीं पड़ती है। क्योंकि यह वॉटर सोर्सेस से ही अपने पोषण तत्व प्राप्त कर लेते हैं।

आपको बता दें, कि आमतौर पर मादा मच्छर सुबह के वक्त और शाम के समय में ही खून चुस्ती है जबकि दिन के समय सेल्टर की खोज में लगी रहती है। मच्छर ना केवल हम इंसानों का खून चूस कर अपनी प्यास बुझाते हैं बल्कि कई बीमारियों को भी जन्म देते हैं। मच्छर के काटने पर डेंगू मलेरिया जी का चिकनगुनिया और येलो फीवर जैसी खतरनाक बीमारी होती है क्या आपने सोचा है कि अगर माला की तरह नर मच्छर भी हम इंसानों के खून पर डिपेंड रहने लगे तब क्या होगा तो हो सकता है, कि इंसान मर भी जाए।

मच्छर कितने प्रकार के होते हैं ?

सुनने में आपको अटपटा लग रहा होगा लेकिन यह सच है एक जानी-मानी यूनिवर्सिटी को तीन कैटेगरी में डिवाइड किया और उन्हें तीन अलग-अलग सिचुएशन में रहा, पहली कैटेगरी के मच्छरों को खाने के लिए चीनी दी गई और फिर दूसरी कैटेगरी कब मच्छरों के ग्रुप को चीनी और ब्लड का एक मिक्चर दिया गया।

जबकि तीसरे समूह को केवल ब्लड दिया गया। इस समूह के मच्छर 28 दिन तक जीवित रहने में सफल रहे जबकि दूसरे ग्रुप के मच्छर केवल 7 दिन तक जीवित रहे सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नतीजा यह था कि रक्त पीने वाले मच्छर केवल 3 दिन तक जिंदा रह पाए उसे पता चलता है कि इंसानों का खून नर मच्छरों की मौत की वजह भी बन जाता है।

लेकिन ताज्जुब की बात है कि मच्छर इंसानों का खून पीने से बाज नहीं आते हैं दरअसल मच्छरों के लिए हम इंसान एक होस्ट की रूप में कार्य करते हैं। जबकि मच्छर व्यक्ति के रूप में मच्छरों के मुंह से निकलने वाली चोंच काफी लचीली होती है और इसके जरिए मच्छरों को खून पीने में हेल्प मिलती है सुई की तरह नुकीले मच्छर का यह अहम अंग इंसानों की शरीर में ब्लड वसल्स खोजने में मदद करता है और जैसे ही इन्हें ब्लड वेसल्स मिल जाती है। तब मच्छर लगभग 4 मिनट तक खून चूसता रहता है।

लेकिन आश्चर्य की बात है कि हमें 240 सेकंड तक पता ही नहीं चलता कि मच्छर हमारा खून चूस रहा है मादा मच्छर खून में अपना लार छोड़ती है जिसमें एंटी कोक लेंग्क होता है।

और यह हमारी खून को थक्का होने से रोकता है लार का एंटी कोकलेन खून का थक्का नहीं बनने देता जिससे मच्छर को खून पीने में आसानी होती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि एक वयस्क इंसान में लगभग 5.7 लीटर ब्लड पाया जाता है।

और इतनी छोटी से मच्छर के लिए इतना खून पीना इंपॉसिबल है एक अमेरिकी स्टडी के आधार से हम इंसानों कि शरीर में 15% ब्लड की कमी हो जाए तो इससे काफी बुरे प्रभाव देखने को मिल जाते हैं। नेशनल जियोग्राफी के आधार पर दुनिया में लगभग मच्छरों की 3000 प्रजातियां मौजूद हैं। और इनमें से सबसे खतरनाक प्रजाति का नाम है। एशियन टाइगर मॉस्किटोज इस प्रजाति की मादा मच्छर इतनी खतरनाक होती है यह शरीर एक बार में तकरीबन 5 माइक्रोमीटर खून चूस सकती है। एशियन टाइगर प्रजाति के 11 लाख मच्छर अगर एक साथ किसी इंसान का खून पी है तो वह मौत का कारण बन सकते हैं।

इतनी बड़ी संख्या में मच्छरों का होना मुश्किल है। तो आपको ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है ,आपको बता दें कि सबसे ज्यादा खतरनाक मच्छर गरम शुष्क इलाकों में निवास करते हैं। मच्छर किसी इंसान को काट कर खून चूसते हैं तब उसी वक्त ही अपना सलाइवा भी हमारे भीतर छोड़ देते हैं । किसी बीमार इंसान या जानवर का खून चूसते हैं तभी अपने सलाइवा के साथ उसके वायरस हमारे शरीर में छोड़ देते हैं।

कुछ खोज करता का कहना है कि मच्छरों के अंदर खून चूसने को लेकर यह बदलाव हजारों साल में आया है जिन इलाकों में पर्याप्त रूप से पानी जमा होता है वहां मच्छरों को प्रजनन करने में कोई दिक्कत नहीं होती है लेकिन जैसे ही उन्हें पानी की कमी महसूस होने लगती है तब यह इंसानों के खून के प्यासे हो जाते हैं मच्छर इंसानों के अलावा अन्य जीवो का खून चूसते हैं। इस तरह यह बात साफ है कि मच्छर पानी की कमी को पूरा करने के लिए खून पीते हैं।

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है ?

मच्छर के काटने पर क्यों होती है खुजली आपने ध्यान दिया होगा कि जब भी कोई मच्छर काट लेता है तो उस स्थान पर काफी खुजली होती है कुछ लोगों को तो दाने हो जाते हैं या लाल रंग के निशान पड़ जाते हैं खुजली जैसी समस्या होने की वजह यह है कि मच्छर के काटने पर हमारा शरीर तुरंत रिजेक्ट करता है जो मैं खुजली तान्या धब्बे के रूप में नजर आता है जब भी हमें कोई मच्छर काटता है तो वह हमारे शरीर में अपनी लार छोड़ता है।

शरीर का अपना इमोनो सिस्टम होता है जो किसी भी भारी पदार्थ पर फौरन प्रतिक्रिया जाहिर करता है। हमारी बॉडी मच्छर के लार को ऐसे केमिकल की तरह लेती है। जो शरीर के लिए जरूरी नहीं होता और शरीर की तरह काम करता है। तब शरीर का इम्यून सिस्टम इसे तबीयत अभी बाहर निकालने का डिसीजन लेता है। जिससे दिमाग को सिग्नल भेजता है। जिससे फॉरेन में केमिकल रिएक्शन होता है। और मच्छर के काटने वाली जगह पर खुजली होने लगती है। कुछ समय बाद सूजन आ जाती है। जो हिस्टामिन के कारण होता है। दरअसल हिस्टामिन एक ऐसा केमिकल होता है। जिसे यूमिनो सिस्टम पैदा करता है। खून में जैसे-जैसे हिस्टामिन की मात्रा बढ़ती है वैसे वैसे ही काटने वाली जगह की आस पास वाइट ब्लड सेल्स की मात्रा बढ़ जाती है। इसके चलते सूजन व खुजली की समस्या होने लगती है। आपने कुछ लोगों को यह कहता जरूर सुना होगा कि कुछ लोगों को मच्छर ज्यादा काटते हैं।

और कुछ को नहीं इसके पीछे सिंपल लॉजिक यह है। कि कई लोग ऐसे होते हैं। जो मच्छर के काटने पर याद नहीं करते इसलिए शरीर में खुजली आने नहीं होते क्योंकि ऐसे लोग मच्छरों की लार को आसानी से लेते हैं, या उसका असर बर्दाश्त करने में सक्षम होते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं, कि एक बार जिन्हें मच्छर काट ले तो घंटों तक खुजली होती है। क्योंकि उनके शरीर में बहुत बड़ा रिएक्शन होता है, कई बार यह खुजली काफी गंभीर बीमारी को जन्म देती है ,इसलिए मच्छरों से होने वाली बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस के रूप में मनाया जाता है।

कहने को तो मच्छर एक छोटा सा कीट है। लेकिन आप यह नहीं जानते होंगे कि मच्छर का नाम दुनिया की सबसे खतरनाक कीटों की लिस्ट में शामिल है। ऐसे मामले सामने आए हैं। जब मच्छर के काटने पर काफी लोग गंभीर बीमारियों का शिकार बने हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक हर साल करीब 10 लाख लोग मच्छरों से होने वाली बीमारियों की वजह से मारे जाते हैं। डब्ल्यूएचओ की मानें तो करीब 500 मिलियन लोग हड़ताल मलेरिया के शिकार होते हैं तो दोस्तों आपकी नजर में मच्छर को भगाने का सबसे बढ़िया उपाय क्या है। कमेंट करके जरूर बताएं और अगर आपको कुछ नया सीखने को मिला या फिर तो प्लीज इस आर्टिकल को शेयर जरूर करें ।

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